5G क्या है? 5G की कार्यप्रणाली, विशेषताएं, और इसके फायदें

5G क्या है? 5G की कार्यप्रणाली, विशेषताएं, और इसके फायदें

आज के समय में शायद ही ऐसा कोई होगा जो इंटरनेट का इस्तेमाल ना करता हो चाहे फिर वह शहर का हो या गांव का हो आजकल हर जगह कम से कम 4G नेटवर्क तो मिल ही जाता है ज्यादातर 4G नेटवर्क का इस्तेमाल तो होता ही है पर आज इस पोस्ट में हम जानेंगे कि 5G क्या है और यह कैसे काम करता है आगे आने वाले समय में 5G नेटवर्क का ही इस्तेमाल होने वाला है

Jio लॉन्च होने के बाद साल 2016 मे उन्होंने फ्री मे अनलिमिटेड इंटरनेट और 4G कॉलिंग फीचर लॉन्च किया जिसके बाद लोगों के बीच 4G टेक्नोलोजी का बहुत ही ज्यादा विस्तार हुआ। लेकिन अब लोगो के बीच जल्दी ही 4G नेटवर्क से भी 10 गुना ज्यादा तेज़ी से 5G इंटरनेट स्पीड नेटवर्क आने वाला है।

5G जैसा कि नाम से ही जाहिर होता है कि यह मोबाइल का पांचवां जेनरेशन है यह मोबाइल टेक्नोलॉजी की दुनिया में सबसे लेटेस्ट सेल्युलर टेक्नोलॉजी है ! स्पीड की बात करें तो इसमें वायरलेस ब्रॉडबैंड कनेक्शन के माध्यम से 20 जीवीपीएस से भी ज्यादा स्पीड में ट्रांसमिट हो सकता है अगर इसे 4G नेटवर्क से कंपेयर करें तो 500 वर्ग किलोमीटर में 10 लाख डिवाइस को जोड़ सकते हैं पर 5G में सिर्फ 1 वर्ग किलोमीटर में 10 लाख डिवाइस को जोड़ सकते हैं

5G क्या है

5G टेक्नोलॉजी दूरसंचार टेक्नोलॉजी से ताल्लुक रखती है 5G टेक्नोलॉजी के जरिए किसी भी सर्विस का उपयोग वायरलेस तरीके से किया जा सकता है दूरसंचार की इस नई तकनीक में रेडियो तरंग एवं विभिन्न radio-frequency का इस्तेमाल किया जा सकता है
दूरसंचार के क्षेत्र में अभी तक जितनी भी टेक्नोलॉजी आ चुकी है उनमें से 5G सबसे लेटेस्ट और हाई स्पीड सर्विस प्रोवाइडर है इस टेक्नोलॉजी को ITU के द्वारा डेवलप किया गया है ITU यानी “International Telecommunication Union” 5G टेक्नोलॉजी 4G टेक्नोलॉजी के मुकाबले लेटेस्ट और हाई स्पीड है 5G नेक्स्ट जनरेशन की डिवेलप टेक्नोलॉजी है

5G के फीचर्स क्या क्या है

5G की स्पीड की बात करें तो इस नई टेक्नोलॉजी की स्पीड 1 सेकंड में 20 जीबी तक आधार पर कस्टमर को हाई स्पीड प्रदान की जा सकती है 5G की स्पीड को देखते हुए ऐसा माना जा सकता है कि अब टेक्नोलॉजी से जुड़े सभी कामों को बहुत ही तेजी से किया जा सकता है जैसा कि इसकी स्पीड बहुत फास्ट है इस वजह से किसी काम को बहुत कम समय में भी किया जा सकता है
वैसे तो अभी हम रिसेंटली 4G का इस्तेमाल करके 1 सेकेंड में करीब 1 जीबी की फाइल को डाउनलोड करने में लिए सक्षम नहीं है पर 5G टेक्नोलॉजी के आने के बाद 1 सेकंड के अंदर करीब 10 जीबी तक की फाइल डाउनलोड करने की क्षमता प्राप्त हो सकती है

  • 5G के माध्यम से रिमोट मैनेजमेंट के द्वारा प्रॉब्लम का सलूशन बहुत ही तीव्र गति से मिल सकती है
  • नेटवर्क लेटेंसी 5G में 1 मिली सेकंड तक हो जाएगी लेटेंसी जितनी कम होगी डाटा ट्रांसफर रेट उतनी ही अधिक होगी लेटेंसी किसी घटना के होने के बीच का समय को कहा जाता है जैसे यदि आप माउस पर क्लिक करते हैं और स्क्रीन पर दिखाए गए एक्शंस के बीच का समय इसी को लेटेंसी कहा जाता है
  • 5G टेक्नोलॉजी त्रुटिहीन नीति पर आधारित हाई क्वालिटी वाले सर्विस है
  • 5G की स्पीड 4G के मुकाबले 20 गुना ज्यादा होगी

5G कैसे काम करता है

  • मोबाइल नेटवर्क की दुनिया में हाई स्पीड पाने के लिए इस टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके लाभ उठाया जा सकता है
    असल में 5G का नया स्टैंडर्ड 4G से रेडियो स्पेक्ट्रम के पूरे नए बैंड का उपयोग करेगा 5G टेक्नोलॉजी “मिली मीटर बेब्स” पर काम करेगा और इसका हमें फायदा भी मिलेगा
  • मिलीमीटर तरंगों को इमारतों या अन्य ठोस वस्तुओं के माध्यम से आसानी से ट्रेवल नहीं किया जा सकता है इसलिए 5जी में छोटी सेल्स का उपयोग किया जाता है इन सेल्स को पूरे शहरी क्षेत्र में लगभग 250 मीटर तक रखा जा सकता है 5G इन स्थानों पर बहुत अच्छा और हाई स्पीड कवरेज प्रदान करेगा
  • इन सबके लिए एक बेस स्टेशन बनाया जाता है यह बेस स्टेशन बहुत बड़े पैमाने पर MIMO का भी उपयोग करते हैं अगर आप MIMO के बारे में नहीं जानते तो आपको बता दें कि MIMO का अर्थ मल्टीपल इनपुट एवं मल्टीपल आउटपुट होता है यदि आपके पास MIMO वाला होम वायरलेस राउटर हो तो आप 5G टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल बड़ी आसानी से कर सकते हैं

5G स्पेक्ट्रम बैंड क्या है

शायद आपको पता हो कि 5G नेटवर्क 3400 MHz 3559 एवं 3610MHz बैंड पर काम करते हैं मुख्य 3500 MHz बैंड को आदर्श माना जाता है इसमें मिलीमीटर वेब्स स्पेक्ट्रम 5G में अहम भूमिका निभाता है क्योंकि इसकी लंबाई 1 से 10 MM होती है
5G में मिली मीटर तरंगों 300 GHz फ्रिकवेंसी पर काम करती है अभी तक इन तरंगों को स्टैटिक्स नेटवर्क सिस्टम में इस्तेमाल किया जाता है

5G के क्या क्या लाभ है

  • 5G के लॉन्च होने के बाद टेलीकम्युनिकेशन इंडस्ट्री में एक क्रांति सी आ गई है
  • 5G के लांच होने से इकोनामिक एवं सोशल स्टेप्स जी जैसे क्षेत्रों में काफी गतिशीलता दिखाई पड़ती है इससे देश एवं शिक्षा के क्षेत्र में विकासशील साबित होगा
  • 5G टेक्नोलॉजी के माध्यम से इंडिया में इंफॉर्मेशन, सिक्योरिटी, एजुकेशन, हेल्थ, ट्रांसपोर्टेशन आदि क्षेत्रों में बहुत ही आसानी से सुविधाएं प्रदान की जा सकेंगी
  • 5G टेक्नोलॉजी जिसे इंटरनेट की 5TH जनरेशन माना जाता है इसके जरिए इंडिया में डिजिटलीकरण को एक नेक्स्ट लेवल तक ले जाया जा सकता है
  • 5G लॉन्च होने के बाद भारत सरकार ने सभी घरों में 2 एमबीपीएस से लेकर 20 एमबीपीएस तक की ब्रॉडबैंड की हाई स्पीड की सुविधा प्रदान करने की घोषणा की है
  • 5G लॉन्च होने के बाद डिजिटलीकरण के द्वारा अर्थव्यवस्था को बहुत ही आसान बनाया जा सकेगा
  • 5जी में एक्शन 1 मिली सेकंड से या उससे भी कम समय मे हो सकेगा
  • 5G के आने के बाद डॉक्टर के पास किसी बीमारी का इलाज के लिए नहीं जाना पड़ेगा बल्कि वर्चुअल विजिट के माध्यम से बीमारी का इलाज करना आसान होगा
  • 5G के लॉन्च होने के बाद ऑनलाइन अपॉइंटमेंट या जूम कॉल जैसे वीडियो कॉल बहुत ही आसानी से बिना किसी रूकावट के संभव हो जाएगी
  • 5G लॉन्च होने के बाद इंटरनेट की स्पीड तो बढ़ेगी ही साथ में गेमिंग इंडस्ट्री में भी बहुत आसानी देखने को मिलेगी जिससे गेम खेलना बहुत ही आसान होगा

5G के नुकसान

जैसा कि आप जानते हैं कि अगर किसी चीज का फायदा है तो उसका नुकसान भी होता है ठीक इसी तरह 5G में भी लॉन्च होने के बाद उसके कुछ नुकसान भी है

  • मोबाइल में 5G इस्तेमाल करने के बाद आपके मोबाइल की बैटरी बहुत कम समय के लिए चल सकती है
  • 5G यूज करने के दौरान आपका डाटा बहुत जल्दी ही खत्म हो जाएगा जिसके लिए आप को और अधिक पैसा देना पड़ेंगे ताकि आपको अधिक डाटा मिल सके और आप 5G को यूज कर सकें
  • जब आप 5G मोबाइल में यूज करेंगे तो आपका मोबाइल जल्द ही हीट हो सकता है जैसा कि आमतौर और आपने देखा होगा कि यदि आपका मोबाइल वाईफाई से कनेक्ट है तो मोबाइल बहुत ही जल्दी हीट हो जाता है
  • 5G लॉन्च होने के बाद रिचार्ज प्लान भी महंगा हो जाएगा

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