Biometric Device क्या है। Biometric Device In Hindi

Biometric Device क्या है। Biometric Device In Hindi

बायोमेट्रिक डिवाइस का उपयोग आज के समय में हर छोटे-बड़े संस्थान स्कूल कॉलेज बैंक अस्पताल और भी ऐसे इंपॉर्टेंस ऑफिस में किया जाता है इसका उपयोग मुख्यतः अटेंडेंस लगाने के लिए भी किया जाता है।

बायोमेट्रिक डिवाइस क्या है। Biometric Device In Hindi

बायोमेट्रिक डिवाइस एक ऐसा डिवाइस है जो किसी व्यक्ति के बायोलॉजिकल विशेषताओं के आधार पर आईडेंटिफाई करता है कहने का मतलब यह है बायोमेट्रिक डिवाइस का उपयोग करके किसी व्यक्ति की पहचान को सुनिश्चित किया जाता है और उसे ऑथेंटिकेट किया जाता है।

बायोमेट्रिक डिवाइस कैसे काम करता है।

बायोमेट्रिक डिवाइस किसी व्यक्ति की बायोलॉजिकल विशेषताओं को स्कैन करके उसकी पहचान करता है इन विशेषताओं में फिंगरप्रिंट, चेहरा, आंखों की पुतलियां, आवाज, सिग्नेचर आदि शामिल होता है।
बायोमेट्रिक डिवाइस मुख्यतः दो स्टेप्स में काम करता है :-
  • रजिस्ट्रेशन: इस स्टेप में, व्यक्ति को अपनी बायोलॉजिकल विशेषता को डिवाइस पर स्कैन करना होता है। डिवाइस इस विशेषता को एक डिजिटल फ़ाइल के रूप में स्टोर कर लेता है।
  • पहचान: जब व्यक्ति को फिर से बायोमेट्रिक डिवाइस से पहचानना होता है, तो उसे अपनी बायोमेट्रिक विशेषता को स्कैन करना होता है। डिवाइस फिर से इस विशेषता को एक डिजिटल फ़ाइल के रूप में स्टोर कर लेता है और इसे पहले स्टोर फ़ाइल से कंपेयर करता है। यदि दोनों फ़ाइलें मेल खाती हैं, तो डिवाइस यह पहचान देता है कि व्यक्ति वही है जिसने इसे पहले स्कैन किया था।
इस प्रकार बायोमेट्रिक मशीन किसी व्यक्ति की पहचान करने में काम करता है।

बायोमेट्रिक डिवाइस कितने प्रकार के होते है

फिंगरप्रिंट स्कैनर

यह सबसे आम प्रकार का बायोमेट्रिक डिवाइस है। यह व्यक्ति की उंगलियों के निशान को स्कैन करता है। आपने आमतौर पर देखा होगा कि किसी ग्राहक सेवा केंद्र में अगर आप पैसे निकालने जाते हैं तो आपका आधार कार्ड के जरिए जब पैसा निकाला जाता है तो आपको एक डिवाइस के ऊपर उंगली रखने को कहा जाता है यह वही बायोमेट्रिक डिवाइस है तो फिंगर को स्कैन करता है और इसके माध्यम से आपकी और आपके अकाउंट की आइडेंटिटी को वेरीफाई करता है।

चेहरा स्कैनर

यह व्यक्ति के चेहरे की विशेषताओं को स्कैन करता है, जैसे कि आंखें, नाक, और मुंह। ज्यादातर फेस स्कैनर आपके मोबाइलों में ही होता है आप अपने मोबाइल को अनलॉक करने के लिए फेस स्कैनर का उपयोग करते हैं यदि एक तरह का बायोमेट्रिक डिवाइस की तरह ही काम करता है।

आंखों की पुतलियों का स्कैनर

यह व्यक्ति की आंखों की पुतलियों को स्कैन करता है। आधार कार्ड बनाते समय आपकी आंखों की पुतली का जरूर स्कैन किया गया होगा यह भी बायोमेट्रिक मशीन के जरिए स्कैन करने का काम करता है।

आवाज का स्कैनर

यह व्यक्ति की आवाज़ को स्कैन करता है। आइडेंटिफिकेशन के लिए कई ऐसे क्षेत्र हैं जहां साउंड यानी कि व्यक्ति के आवाज को आइडेंटिटी के रूप में उपयोग किया जाता है ऐसे स्कैनर को साउंड स्कैनर बायोमेट्रिक डिवाइस कहा जाता है।

हस्ताक्षर का स्कैनर

यह व्यक्ति के हस्ताक्षर को स्कैन करता है। आपका सिग्नेचर क्या डिजिटल फॉर्म में हो या हैंडराइटिंग फॉर्म में हो उसे सिग्नेचर को स्कैन करने के लिए बायोमेट्रिक डिवाइस का उपयोग किया जाता है।

वेन स्कैनर

यह व्यक्ति के हाथों या पैरों की नसों को स्कैन करता है।

डायाफ्राम का स्कैनर

यह व्यक्ति के डायाफ्राम के कंपन को स्कैन करता है।

बायोमेट्रिक डिवाइस के फायदे

बायोमेट्रिक डिवाइस की कई फायदे हैं, जो इस प्रकार है
  • सुरक्षा: बायोमेट्रिक डिवाइस का उपयोग करके हम किसी व्यक्ति की पहचान उसकी बायोमेट्रिक विशेषताओं के आधार पर कर सकते हैं यह आईडेंटिटी किसी भी तरीके की चोरी धोखाधड़ी फ्रॉड को रोकने में मददगार साबित होती है बायोमेट्रिक डिवाइस का उपयोग सुरक्षा गेट, कंप्यूटर और स्मार्टफोन को सुरक्षित करने के लिए किया जाता है।
  • सुविधा: बायोमेट्रिक डिवाइस का उपयोग करना आसान और सुविधाजनक है। हमें पासवर्ड या अन्य सुरक्षा उपायों को याद रखने की आवश्यकता नहीं है।
  • Infrastructure: बायोमेट्रिक डिवाइस का उपयोग पानी, बिजली और अन्य बुनियादी ढांचे की सुविधाओं तक पहुंच को नियंत्रित करने के लिए किया जाता है।
  • चिकित्सा: बायोमेट्रिक डिवाइस का उपयोग रोगियों की पहचान करने और उनकी चिकित्सा फ़ाइलों तक पहुंचने के लिए किया जाता है। बड़े-बड़े हॉस्पिटलों में पेशेंट की पहचान करने के लिए बायोमेट्रिक डिवाइस का उपयोग किया जाता है
  • आर्थिक: बायोमेट्रिक डिवाइस का उपयोग बैंकिंग, वित्त और अन्य आर्थिक सेवाओं में उपयोग किया जाता है। जब भी कभी आप किसी बैंकों में गए होंगे तो बैंक के एम्पलाई अपने कंप्यूटर सिस्टम में लॉगिन करने से पहले बायोमेट्रिक डिवाइस में अपना फिंगर रखते हैं उसके बाद ही वह अपार को कंप्यूटर के अंदर लॉगिन कर पाते हैं।

बायोमेट्रिक डिवाइस के नुकसान

  • गलती से पहचान: बायोमेट्रिक डिवाइस कभी-कभी गलती से पहचान कर सकते हैं, जिससे अनधिकृत व्यक्ति को अनुमति मिल सकती है। उदाहरण के लिए, एक फिंगरप्रिंट स्कैनर किसी अन्य व्यक्ति के फिंगरप्रिंट को गलत तरीके से आपके रूप में पहचान सकता है।
  • बायोमेट्रिक डेटा की चोरी: बायोमेट्रिक डेटा, जैसे कि फिंगरप्रिंट या चेहरे की पहचान, व्यक्तिगत पहचान के लिए बहुत शक्तिशाली है। यदि यह डेटा चोरी हो जाता है, तो इसका उपयोग पहचान की चोरी, धोखाधड़ी या अन्य अवैध गतिविधियों के लिए किया जा सकता है।
  • प्राइवेसी का उल्लंघन: बायोमेट्रिक डेटा व्यक्तिगत है और इसे सार्वजनिक रूप से पब्लिश नहीं किया जाना चाहिए। यदि बायोमेट्रिक डेटा को गलत हाथों में पड़ जाता है, तो इसका उपयोग प्राइवेसी का उल्लंघन करने के लिए किया जा सकता है, जैसे कि किसी व्यक्ति की गतिविधियों को ट्रैक करना या उनकी पहचान को चुराना।

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