GPS क्या है

GPS क्या है ? यह कैसे काम करता है। पूरी जानकारी।

जब भी कभी ट्रैकिंग की बात होती है तो उसमें आपने कभी ना कभी GPS का नाम जरूर सुना होगा आज के इस पोस्ट में हम यही जानेंगे कि GPS क्या है यह कैसे काम करता है और यह कितने प्रकार का होता है GPS के बारे में पूरी विस्तार से जानेंगे

Table of Contents

GPS क्या है? What is GPS in Hindi

जीपीएस यानी (Global Positioning System) ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम । यह एक सेटेलाइट नेवीगेशन सिस्टम है जो एक डिवाइस को इसकी लोकेशन को ट्रैक करने और मैप बनाने की अनुमति देता है जीपीएस का उपयोग विभिन्न उद्देश्यों के लिए किया जाता है जैसे कि ड्राइविंग हाइकिंग और नेविगेशन।

जीपीएस (GPS) एक नेटवर्क है जो 24 सैटलाइटों का बना है जो पृथ्वी के चारों ओर घूमते हैं यह सैटेलाइट रियल टाइम में अपना पोजीशन और समय भेजते हैं जब कोई डिवाइस जीपीएस से सिग्नल को प्राप्त करता है तो यह सेटेलाइट की स्थिति को ट्रैक करके अपने आप का लोकेशन तय कर सकता है डिवाइस अपने आप की गति को भी ट्रैक कर सकता है।

यह कुछ उदाहरण हैं कि जीपीएस का उपयोग कैसे किया जाता है

  • driving
  • hiking
  • navigation
  • gati tracking
  • map banane
  • aur bhi bahut kuchh

जीपीएस एक बहुत ही प्रभावी उपकरण है यह आपको अपने लिए दुनिया को और भी अधिक समझने में मदद कर सकता है

GPS का Full form क्या है?

GPS (जीपीएस) का फुल फॉर्म “Global Positioning System” होता है।

जीपीएस सिस्टम के घटक

GPS के तीन प्रमुख भाग होते हैं

Space segment

जीपीएस 24 सेटेलाइट ऑन का संग्रह यह उपग्रह 20,200 किलोमीटर की ऊंचाई पर 6 ऑर्बिटल प्लान में घूमते हैं प्रत्येक उपग्रह जीपीएस सिगनल प्रकाशित करता है जिसका उपयोग यूजर सेगमेंट के उपकरणों द्वारा अपने स्तर की पहचान करने के लिए किया जाता है

Control segment

जीपीएस को चलाने और नियंत्रित करने के लिए कंट्रोल सिस्टम जिम्मेदार होता है इसमें पांच कंट्रोल स्टेशन शामिल है जो दुनिया भर में स्थित है कंट्रोल स्टेशन उपग्रह के स्तर गति और दूसरे तथ्यों को ट्रैक करते हैं यह इस जानकारी को उपग्रह के साथ भेजते हैं ताकि वह अपने सिग्नल को और भी सटीक बना सके।

User segment

जीपीएस का उपयोग करने वाले उपकरणों का संग्रह है यह सेगमेंट बहुत बड़ा है और इसमें स्मार्टफोन नवीनतम कार्यों नेविगेशन सिस्टम और अन्य कई उपकरण शामिल है यूजर सेगमेंट के उपकरण जीपीएस सिगनल को प्राप्त करते हैं और उनका उपयोग अपने स्तर गति और दूसरे तथ्यों की पहचान करने के लिए करते हैं

जीपीएस एक जटिल और अविश्वसनीय सिस्टम है जो हमें अपने लोकेशन की पहचान करने में मदद करता है यह सिस्टम हमारी पूरी दुनिया में गति और ट्रैक करने समय की पहचान करने और अन्य कई कार्य करने में मदद करता है।

GPS कैसे काम करता है

जीपीएस एक सेटेलाइट बेस्ट नेविगेशन सिस्टम है यह 24 सेटेलाइट्स के नेटवर्क का उपयोग करती है जो पृथ्वी के आसपास घूमते हैं यह सेटेलाइट एक दूसरे के साथ और पृथ्वी के साथ भी सिंक्रनाइजिंग करते हैं

जब आप अपने जीपीएस रिसीवर को ऑन करते हैं तो यह सबसे पहले इन सेटेलाइट से सिगनलों को स्कैन करता है रिसीवर इन सिगनलों को प्राप्त करने के लिए सैटेलाइट की दिशा और दूरी का पता लगता है इसके बाद रिसीवर इन उपकरणों की संख्या को उपयोग करके आपकी स्थान और स्थिति का पता लगता है

जीपीएस रिसीवर को अपनी स्थान और स्थिति का पता लगाने के लिए 4 या अधिक सेटेलाइट की जरूरत होती है यह इसलिए होता है क्योंकि रिसीवर को 4 या अतिरिक्त धारकों को की जरूरत होती है ताकि यह थ्री डाइममेंसनल स्पेस में अपना स्थान प्राप्त कर सके।

जीपीएस रिसीवर अपनी स्थिति का पता लगाने के लिए सैटेलाइट से सिगनलों के समय प्राप्ति का भी उपयोग करता है। ऐसा इसलिए है क्योंकि प्रकाश की गति ज्ञात होता है और यह हमेशा एक ही समय में सभी उपग्रहों तक नहीं पहुंचती है। इसलिए, रिसीवर को सिगनलों के बीच के समय के अंतर का उपयोग करके उपग्रह की दूरी का पता लगाता है।

जीपीएस एक बहुत ही सटीक नेविगेशन सिस्टम है अक्सर जीपीएस रिसीवर 10 मीटर के अंदर आपकी स्थान और स्थिति का पता लगा सकते हैं हालांकि जीपीएस की सटीकता कई कारकों पर प्रभावित हो सकती है जैसे की :

  • रिसीवर का स्तर
  • सेटेलाइट की संख्या
  • मौसम की स्थिति
  • आपके स्थान के आसपास की स्थिति

जीपीएस एक बहुत ही इंपॉर्टेंट उपकरण है जिसे कई विभिन्न उद्देश्यों के लिए उपयोग किया जा सकता है कि हमेशा आपको अपनी स्थिति का पता लगाने में मदद कर सकता है चाहे आप कहीं भी हो।

GPS का उपयोग Uses of GPS

नेविगेशन

जीपीएस का उपयोग लोगों को अपने स्थान को ट्रैक करने, रास्ता खोजने और अपने गंतव्य तक पहुंचने में मदद करने के लिए किया जा सकता है।

ट्रैकिंग

जीपीएस का उपयोग लोगों या वस्तुओं की स्थिति को ट्रैक करने के लिए किया जा सकता है। उदाहरण के लिए, जीपीएस का उपयोग किसी व्यक्ति की कार या चिकित्सा उपकरण को ट्रैक करने के लिए किया जा सकता है।

समय की जानकारी

जीपीएस का उपयोग सटीक समय को ट्रैक करने के लिए किया जा सकता है।

सुरक्षा

जीपीएस का उपयोग लोगों या वस्तुओं की सुरक्षा के लिए किया जा सकता है। उदाहरण के लिए, जीपीएस का उपयोग किसी व्यक्ति की कार को ट्रैक करने या किसी व्यक्ति को किसी विशिष्ट क्षेत्र में जाने से रोकने के लिए किया जा सकता है।

सेवाएं

जीपीएस का उपयोग विभिन्न प्रकार की सेवाओं को प्रदान करने के लिए किया जा सकता है, जैसे टैक्सी बुकिंग, मौसम पूर्वानुमान और यातायात रिपोर्टिंग।

जीपीएस एक बहुत ही शक्तिशाली उपकरण है जिसका उपयोग कई तरीकों से किया जा सकता है। यह हमारी जिंदगी को बेहतर बनाने और हमें सुरक्षित रखने में मदद कर सकता है।

कृषि

जीपीएस का उपयोग कृषि में कई तरीकों से किया जा सकता है, जिनमें शामिल हैं:

ट्रैक्टर और अन्य कृषि उपकरणों को नेविगेट करना

जीपीएस का उपयोग ट्रैक्टर और अन्य कृषि उपकरणों को नेविगेट करने के लिए किया जा सकता है, जिससे किसानों को अधिक कुशलता से और कम समय में काम करने में मदद मिलती है.

फसलों की सिंचाई

जीपीएस का उपयोग फसलों की सिंचाई को स्वचालित करने के लिए किया जा सकता है, जिससे पानी के उपयोग को कम करने और फसलों की पैदावार बढ़ाने में मदद मिलती है.

फसलों की निगरानी

जीपीएस का उपयोग फसलों की निगरानी के लिए किया जा सकता है, जैसे कि फसलों की उर्वरता, जलवायु और कीटों के प्रकोप की निगरानी. इससे किसानों को फसलों के स्वास्थ्य और विकास को बेहतर ढंग से प्रबंधित करने में मदद मिलती है.

फसलों की कटाई

जीपीएस का उपयोग फसलों की कटाई को स्वचालित करने के लिए किया जा सकता है, जिससे फसलों की कटाई को अधिक कुशलता से और कम समय में किया जा सकता है

समुद्री नेविगेशन

समुद्री नेविगेशन में GPS का उपयोग नावों और जहाजों को उनके स्थान का पता लगाने और सुरक्षित रूप से यात्रा करने में मदद करने के लिए किया जाता है. GPS एक उपग्रह-आधारित नेविगेशन प्रणाली है जो उपग्रहों से प्रसारित सिग्नल का उपयोग करके नाव के स्थान का पता लगाती है. GPS उपकरण नाव के वर्तमान स्थान को निर्धारित करने के लिए कम से कम चार उपग्रहों से सिग्नल प्राप्त करता है. GPS उपकरण प्राप्त सिग्नल से नाव के दूरी और दिशा की गणना करता है और फिर इन गणनाओं का उपयोग करके नाव के वर्तमान स्थान का पता लगाता है।

GPS समुद्री नेविगेशन में निम्नलिखित लाभ प्रदान करता है:

सटीकता

GPS का उपयोग करके नावें अपने स्थान का बहुत सटीक रूप से पता लगा सकती हैं. यह नावों को सुरक्षित रूप से यात्रा करने में मदद करता है और यह उन्हें अपने गंतव्य तक जल्दी और आसानी से पहुंचने में भी मदद करता है.

विश्वसनीयता

GPS एक विश्वसनीय नेविगेशन प्रणाली है. यह मौसम की स्थिति से प्रभावित नहीं होती है और यह दिन के किसी भी समय काम करती है.

उपयोग में आसानी

GPS का उपयोग करना बहुत आसान है. GPS उपकरणों को स्थापित और संचालित करना आसान है और वे सभी प्रकार के नावों पर उपयोग किए जा सकते हैं.

लागत प्रभावी

GPS एक लागत प्रभावी नेविगेशन प्रणाली है. GPS उपकरणों की कीमत कम है और वे लंबे समय तक चल सकते हैं.

GPS समुद्री नेविगेशन में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. यह नावों को सुरक्षित रूप से यात्रा करने और अपने गंतव्य तक जल्दी और आसानी से पहुंचने में मदद करता है।

GPS का इतिहास

GPS का इतिहास 1950 के दशक में शुरू हुआ, जब संयुक्त राज्य अमेरिका के वैमानिक अनुसंधान प्रयोगशाला (NARL) ने एक नेविगेशन प्रणाली के लिए एक प्रक्रिया का विकास शुरू किया जिसे किसी भी समय और किसी भी स्थान से उपयोग किया जा सकता है। इसे 1960 के दशक में आगे बढ़ाया गया, और 1970 के दशक में, अमेरिकी रक्षा विभाग (DoD) ने GPS का विकास शुरू किया।

GPS का पहला सेट उपग्रह 1978 में लॉन्च किया गया था, और सिस्टम 1980 के दशक में पूरा हुआ था। GPS का पहला सार्वजनिक उपयोग 1995 में शुरू किया गया था, और यह एक जटिल और विश्वसनीय नेविगेशन प्रणाली है जिसका उपयोग आज दुनिया भर में किया जाता है।

GPS का Basic Structure क्या है?

सेटेलाइट

जीपीएस में 24 सैटेलाइट है जो दुनिया भर में बोलते हैं यह सेटेलाइट 20200 किलोमीटर की ऊंचाई पर घूमते हैं 

कंट्रोल स्टेशन

जीपीएस में पांच कंट्रोल स्टेशन होते हैं जो दुनिया भर में स्थित हैं यह कंट्रोल स्टेशन सेटेलाइट ओं की गतिविधियों को ट्रैक करते हैं और उनके सिगनलओं को सही करते हैं

ग्राउंड सेगमेंट

जीपीएस में एक ग्राउंड सिग्मेंट है जो कंट्रोल स्टेशन सेटेलाइट और जीपीएस डिवाइस ओं क जोड़ता है

जीपीएस डिवाइस

जीपीएस डिवाइस एक इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस है जो जीपीएस सिस्टम का उपयोग अपने लोकेशन को ट्रैक करने स्पीड को ट्रैक करने और टाइम को ट्रैक करने के लिए करता है

GPS Tracking के प्रकार

GPS ट्रैकिंग के कई प्रकार हैं, जो इस प्रकार हैं:-

Real-time tracking

इस प्रकार की ट्रैकिंग में, GPS ट्रैकर हमेशा उपयोगकर्ता की स्थिति को लाइव अपडेट करता है। इसे उपयोगकर्ता की स्थिति को वास्तविक समय में ट्रैक करने के लिए उपयोग किया जा सकता है,

push-based tracking

इस प्रकार की ट्रैकिंग में, GPS ट्रैकर केवल तभी उपयोगकर्ता की स्थिति को अपडेट करता है जब वे कुछ करते हैं, जैसे कि एक अलग स्थान पर पहुंचना या एक नई गति से चलना। इसे उपयोगकर्ता की स्थिति को ट्रैक करने के लिए उपयोग किया जा सकता है, जैसे कि उनके वाहन का उपयोग कैसे किया जा रहा है या उनके बच्चे का स्कूल के आसपास कैसे रहना है।

pull-based tracking

इस प्रकार की ट्रैकिंग में, उपयोगकर्ता को GPS ट्रैकर से डेटा को स्वयं ही पुल करना होगा। इसे उपयोगकर्ता की स्थिति को ट्रैक करने के लिए उपयोग किया जा सकता है, जैसे कि उनके वाहन की स्थिति या उनके बच्चे की स्थिति।

GPS ट्रैकिंग का उपयोग

GPS ट्रैकिंग का उपयोग कई तरह के उद्देश्यों के लिए किया जा सकता है, जिनमें से सबसे आम हैं:

vehicle tracking: GPS ट्रैकिंग का उपयोग वाहनों को ट्रैक करने के लिए किया जा सकता है, जैसे कि उनका उपयोग की स्थिति, गति और स्थान। इसे वाहनों की सुरक्षा में सुधार और उनके उपयोग को ट्रैक करने के लिए उपयोग किया जा सकता है।

person tracking: GPS ट्रैकिंग का उपयोग लोगों को ट्रैक करने के लिए किया जा सकता है, जैसे कि उनका उपयोग की स्थिति, गति और स्थान। इसे लोगों की सुरक्षा में सुधार और उनके उपयोग को ट्रैक करने के लिए उपयोग किया जा सकता है।

assets tracking: GPS ट्रैकिंग का उपयोग संपत्ति को ट्रैक करने के लिए किया जा सकता है, जैसे कि उनका उपयोग की स्थिति, गति और स्थान। इसे संपत्ति की सुरक्षा में सुधार और उनके उपयोग को ट्रैक करने के लिए उपयोग किया जा सकता है।

GPS System के Advantages

जीपीएस सिस्टम के कुछ मुख्य एडवांटेज इस प्रकार है:

नेविगेशन: जीपीएस का उपयोग अपने आसपास के क्षेत्र को समझने और अपना रास्ता खोजने के लिए किया जा सकता है। यह किसी भी स्थानीय क्षेत्र में एक नई जगह की खोज करने या घर से किसी अन्य स्थान पर जाने के लिए बहुत उपयोगी हो सकता है।

समय: जीपीएस सटीक समय प्रदान कर सकता है, जो कई कार्यों के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है, उदाहरण के लिए, उड़ानों के लिए समय पर पहुंचना या किसी प्रक्रिया को ट्रैक करना।

सुरक्षा: जीपीएस का उपयोग अपने आसपास के क्षेत्र को ट्रैक करने और सुरक्षित रहने के लिए किया जा सकता है। यह आपको बता सकता है कि आप कहाँ हैं, और यह आपको अन्य लोगों की गतिविधियों को ट्रैक करने की अनुमति दे सकता है।

सुविधा: जीपीएस का उपयोग कई अन्य कार्यों को करने के लिए किया जा सकता है, उदाहरण के लिए, किसी प्रक्रिया को ट्रैक करना, किसी स्थान को ट्रैक करना, या किसी व्यक्ति की गतिविधि को ट्रैक करना।

GPS System के Disadvantages

जीपीएस सिस्टम के डिसएडवांटेज इस प्रकार हैं –

अस्पष्ट प्रतिक्रिया: जीपीएस स्थिति निर्धारण के लिए एक प्रकार के ‘त्रिकोणमिति’ का उपयोग करता है, जिसमें पहले से ही यह जानना आवश्यक है कि प्रतिक्रिया स्थिति से कितनी दूर है। यदि जीपीएस रिसीवर की स्थिति की जानकारी गलत है, तो जीपीएस स्थिति निर्धारण गलत हो सकता है।

गर्मी: जीपीएस रिसीवर गर्मी में काम करता है, लेकिन अगर गर्मी बहुत अधिक हो जाए तो यह सही ढंग से काम करना बंद कर सकता है।

खुला स्थान: जीपीएस रिसीवर खुले स्थान पर काम करता है, इसलिए अगर यह किसी इमारत या अन्य बड़े उपकरण के नीचे है तो यह सही ढंग से काम करना बंद कर सकता है।

जबरदस्ती: जीपीएस रिसीवर जबरदस्ती के लिए संभव है, जिसमें कोई अन्य व्यक्ति जीपीएस रिसीवर को उसके स्थिति निर्धारण को प्रभावित करने के लिए हैक कर सकता है।

नाजुक: जीपीएस रिसीवर नाजुक हो सकते हैं, और अगर वे गिर जाते हैं या तोड़ दिए जाते हैं तो वे सही ढंग से काम करना बंद कर सकते हैं।

FAQ

जीपीएस का अविष्कार किसने किया था?

जीपीएस का आविष्कार संयुक्त राज्य अमेरिका के रक्षा विभाग ने किया था जो 1960 के दशक में शुरू हुआ था और इसका पहला व्यावसायिक उपयोग 1980 के दशक में किया गया था 1995 में, जीपीएस को जनता के लिए उपलब्ध कर दिया गया था और तब से यह दुनिया भर में लोकप्रिय हो गया है।

स्मार्टफोन पर GPS कितनी सही लोकेशन दिखाता है?

स्मार्टफोन पर GPS की सटीकता कई कारकों पर निर्भर करती है, जो इस प्रकार हैं

स्मार्टफोन का प्रकार:कुछ स्मार्टफोन में अन्य स्मार्टफोन की तुलना में बेहतर GPS सिस्टम होते हैं.

GPS रिसीवर की गुणवत्ता: GPS रिसीवर की गुणवत्ता भी सटीकता को प्रभावित करती है.

वायुमंडलीय स्थितियां: बादल, पहाड़ और अन्य भौतिक बाधाएं सटीकता को प्रभावित कर सकती हैं.

स्मार्टफोन का स्थान: स्मार्टफोन का स्थान भी सटीकता को प्रभावित कर सकता है. उदाहरण के लिए, शहरों में सटीकता कम होती है क्योंकि शहरी वातावरण GPS सिग्नल को अवरोधित कर सकता है.

आम तौर पर, स्मार्टफोन पर GPS की सटीकता 10 मीटर से 100 मीटर के बीच होती है. हालांकि, कुछ स्मार्टफोन में अधिक सटीक GPS सिस्टम होते हैं, जिनकी सटीकता 1 मीटर से भी कम हो सकती है.

क्या जीपीएस हर जगह काम करता है?

नहीं, जीपीएस हर जगह काम नहीं करता है. जीपीएस का काम करने के लिए, जीपीएस रिसीवर को कम से कम चार उपग्रहों से संकेत प्राप्त करने की आवश्यकता होती है. यदि रिसीवर चार से कम उपग्रहों से संकेत प्राप्त करता है, तो यह सटीक स्थिति का पता लगाने में सक्षम नहीं होगा.

जीपीएस उन स्थानों पर भी काम नहीं कर सकता है जहां जीपीएस सिग्नल अवरोधित हैं, जैसे कि इमारतों के अंदर, पहाड़ों के नीचे, या घने जंगलों में।

जीपीएस लगाने में कितना खर्चा आता है?

जीपीएस ट्रैकर लगाने का खर्च 500 रुपये से लेकर 5000 रुपये तक हो सकता है।

निष्कर्ष

आपने इस पोस्ट में जाना कि जीपीएस क्या है कितने प्रकार का होता है और यह कैसे काम करता है उम्मीद है इस पोस्ट में जीपीएस के बारे में आपको पूरी जानकारी मिल गई होगी।

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