इंटरनेट क्या है? इंटरनेट की खोज किसने की

इंटरनेट क्या है? इंटरनेट की खोज किसने की, सम्पूर्ण जानकारी {2023}

इस पोस्ट में हम जानेंगे कि इंटरनेट क्या है इंटरनेट की खोज किसने की और इसके पूरे इतिहास के बारे में संपूर्ण जानकारी इस पोस्ट में आपको देंगे।

इंटरनेट क्या है – (What is Internet in Hindi)

कंप्यूटर की दुनिया में एक ऐसा नेटवर्क जिसे किसी भी कनेक्टेड डिवाइस से एक्सेस किया जा सकता है उसे इंटरनेट कहते हैं इसे वैज्ञानिकों के बीच में आपस में जानकारी शेयर करने के तरीके रूप में सन 1969 में शुरू किया गया था और इसे डेवलप होने में कई साल लग गए।

Internet का Full Form क्या है?

इंटरनेट वास्तव में एक बहुत ही बड़ा नेटवर्क होता है जिसका फुल फॉर्म “INTERCONECTED NETWORK” होता है इसे WORLD WIDE WEB भी कहा जाता है।

इंटरनेट का पुराना नाम क्या है?

इंटरनेट का पुराना नाम “ARPANET” (Advance Research Projects Agency) है बाद में इसे और डेवलप करके जो नेटवर्क बनाया गया उसे आज के टाइम पर हम इंटरनेट कहते हैं।

इंटरनेट के प्रकार

इंटरनेट को वैसे तो बहुत से भागों में बांटा गया है पर इनमें से मुख्यत: कुछ इस प्रकार हैं :-

1- Dial-Up (डायल अप)

डायल अप कनेक्शन में अगर आप इंटरनेट को एक्सेस करना चाहते हैं तो इसके लिए आपको टेलीफोन लाइन के साथ कंप्यूटर को जोड़ना पड़ेगा डायल अप इंटरनेट को एक्सेस करने की यह सबसे पुरानी तकनीक है जैसा कि अभी आपको पता चला कि यह सबसे पुरानी तकनीक है इस वजह से इसमें इंटरनेट की स्पीड भी काफी धीमी होती है इसी वजह से इसका इस्तेमाल आज के समय में शायद ना के बराबर किया जाता है।

2- Broadband (ब्रॉडबैंड)

इंटरनेट के क्षेत्र में ब्रॉडबैंड एक बहुत ही लोकप्रिय एवं चर्चित कनेक्शन माना जाता है इसे एक्सेस करने के लिए ब्रॉडबैंड यूजर को केवल की मदद से इंटरनेट को एक्सेस किया जाता है। ब्रॉडबैंड कनेक्शन की मदद से यूजर को बहुत ही हाई स्पीड मिलती है जिससे फाइल को आसानी से ट्रांसफर या डाउनलोड किया जा सकता है इसकी स्पीड 100 MBPS तक होती है इसी वजह से यह बहुत ही लोकप्रिय हैं।

3- Wi-Fi (वाई-फाई)

Wi-Fi एक शार्ट फॉर्म है इस का फुल फॉर्म Wireless Fidelity होता है जिसका मतलब किसी सिग्नल को ट्रांसफर करने के लिए किसी केवल की आवश्यकता नहीं होती है यह बिना किसी केबल के अनुपस्थिति में भी डाटा को ट्रांसफर या डाउनलोड कर सकता है Wi-Fi इंटरनेट कनेक्शन का यूज़ करने के लिए अधिकतम रेंज 100 मीटर होती है इसलिए वाईफाई कनेक्शन से इंटरनेट यूज करने के लिए हमें 100 मीटर के अंदर रहना आवश्यक है अगर 100 मीटर के अधिक किसी डिवाइस को रखा जाएगा तो या तो उसमें सिग्नल कम मिलेगा या तो बिल्कुल भी सिग्नल नहीं मिलेगा।

4- Satellite (सेटेलाइट)

सेटेलाइट शब्द आपने कभी ना कभी जरूर सुना होगा सेटेलाइट इंटरनेट कनेक्शन का उपयोग ऐसी जगह पर किया जाता है जहां पर ब्रॉडबैंड कनेक्शन की सुविधा मौजूद ना हो यह एक वायरलेस कनेक्शन है जिसमें इंटरनेट की स्पीड बहुत ही हाई स्पीड होती है।

5- ISDN

आईएसडीएन एक टेलीफोन नेटवर्क है ISDN पूरा नाम Integrated Service Digital Network होता है यह ग्राहकों को इंटरनेट के साथ वॉइस कॉल और डाटा ट्रांसफर जैसी सुविधा भी देता है।

6- Leased Line (लीज्ड लाइन)

लीज्ड लाइन का उपयोग बहुत बड़ी-बड़ी कंपनियों के द्वारा किया जाता है हालांकि यह भी एक टेलीफोन लाइन कनेक्शन होती है जिसका इस्तेमाल इंटरनेट को एक्सेस करने के लिए किया जाता है आपको बता दें कि इसकी स्पीड बहुत ही ज्यादा होती है जैसे कि 1 Mbps से लेकर 10 Gbps तक होती है ।

इंटरनेट की खोज किसने की

इंटरनेट की खोज कर पाना इतना आसान नहीं था पर हजारों वैज्ञानिक और इंजीनियरों ने मिलकर इस नेटवर्क की स्थापना सन 1967 में शीत युद्ध के दौरान ARPANET नाम से इंटरनेट की शुरुआत की जिसमें अमेरिका के 4 यूनिवर्सिटी के कंप्यूटर को आपस में जोड़ा गया था।

इंटरनेट के अविष्कार के बारे में बात करें तो BOB KAHN और VINT CERF ने इसका फ्रेमवर्क का आविष्कार किया था जिसका इस्तेमाल आज भी किया जा रहा है।

इन दोनों ने इंटरनेट के लिए एक नियम निर्धारित किया जिसे ट्रांसफॉर्मेशन कंट्रोल प्रोटोकोल कहा जाता था बाद में एक प्रोटोकॉल को जोड़ दिया गया जिसे IP (इंटरनेट प्रोटोकॉल) कहा जाता है ।

इंटरनेट कब शुरू हुआ?

सर्वप्रथम अमेरिका सेना द्वारा पेंटागन अमेरिका के रक्षा विभाग में इंटरनेट की शुरुआत की गई थी साल 1969 में ARPANET नाम से नेटवर्किंग प्रोजेक्ट लांच किया गया था जिसका इस्तेमाल युद्ध के समय गोपनीय सूचना भेजने में किया जाता था।

सूचना व्यवस्था को सुरक्षित रखने के लिए कुछ समय बाद शोधकर्ताओं ने और मिलिट्री के लोगों ने कौन कॉन्ट्रैक्ट्स इस्तेमाल करने लगे ।

भारत में इंटरनेट कब शुरू हुआ था?

14 अगस्त 1995 को भारत में इंटरनेट लांच हुआ जिसे विदेश संचार निगम लिमिटेड (VSNL) के द्वारा लॉन्च किया गया था।

इंटरनेट की परिभाषा

इंटरनेट की परिभाषा की बात करें तो इंटरनेट वास्तव में एक ग्लोबल वाइड एरिया नेटवर्क होता है जो पूरे विश्व भर के कंप्यूटर को आपस में कनेक्ट करता है इसमें बहुत से हाई बैंड वाइड डाटा लाइंस होते हैं जिसे इंटरनेट का “बैकबोन” भी कहते हैं इस लाइन को कनेक्ट किया जाता है एवं मेजर इंटरनेट हब्स के साथ डाटा को डिस्ट्रीब्यूटर किया जाता है जैसे कि वेब सर्वर और आईएसपीएस यह दूसरे लोकेशन में होता है।

इंटरनेट की विशेषताएं

  • World Wide Web – यह एक ऐसा नेटवर्क है जो पूरे विश्व भर में बिलियंस उपकरणों को एक साथ कनेक्ट करता है यह इंटरकनेक्टेड कंप्यूटर नेटवर्क की एक प्रणाली है यह दुनिया भर के सभी कंप्यूटर्स को एक साथ जोड़ने के लिए IP का उपयोग करते हैं जिसे इंटरनेट प्रोटोकोल भी कहते हैं।
  • E-mail – टेक्नोलॉजी की दुनिया में कुछ समय पहले संचार करने के लिए फैक्स जैसी टेक्नोलॉजी का यूज किया जाता था ऐसे में एक नया डिजिटल रूप मिला जिसे ईमेल कहते हैं ईमेल संचार करने का एक डिजिटल माध्यम है इसका उपयोग एक कंप्यूटर से दूसरे कंप्यूटर में मैसेज या अटैचमेंट भेजने का काम किया जाता है हालांकि इसमें कुछ रिस्ट्रिक्शन होती हैं जैसे कि आप बहुत बड़ी फाइल ईमेल में अटैच करके नहीं भेज सकते पर ईमेल संचार करने का एक सबसे आसान और अच्छा तरीका है ई-मेल शब्द सन 1970 के दशक में टॉमलिंसन द्वारा नाम दिया गया था जिन्होंने इस टेक्नोलॉजी को डिवेलप किया और ईमेल का यूज करने वाले सबसे प्रथम व्यक्ति थे।
  • Telnet – यह एक तरह का प्रोटोकॉल है जो एक नेटवर्क पर किसी दूरी में स्थित नेटवर्क में लॉग इन करने पर कंप्यूटर को नियंत्रित किया जाता है इसे असल में रिमोट टर्मिनल कंट्रोल के लिए डिजाइन किया गया था लेकिन यह रिमोट टर्मिनल डिस्प्ले फंक्शन को भी सपोर्ट करता है इसलिए इसका यूज एच एस एच ग्राफिकल एप्लीकेशन में भी किया जाता है
  • File Transfer Protocol – FTP यानी (फाइल ट्रांसफर प्रोटोकोल) इसका उपयोग एक कंप्यूटर से दूसरे कंप्यूटर में फाइल ट्रांसफर करने के लिए किया जाता है इंटरनेट पर वेब होस्टिंग और बहुत दूरी पर फाइलों के ट्रांसफर करने के लिए FTP का यूज किया जाता है।
  • Internet Relay Chat (IRC) – इंटरनेट रिले चाट जो लोगों को एक सर्वर के माध्यम से दूसरे सर्वर पर यह दूसरे लोगों के साथ चैट करने का एक्सेस देता है इसे सबसे पहली बार 1988 में जर्को ओरारिनन द्वारा डिवेलप किया गया था तब से इसे आज तक लगातार अपडेट किया जाता आ रहा है

इंटरनेट कैसे काम करता है?

इंटरनेट कैसे काम करता है इसे सबसे आसान भाषा में इस तरह समझते हैं कि इंटरनेट का काम दो या दो से अधिक कंप्यूटर सिस्टम को आपस में कनेक्ट करना होता है इंटरनेट के लिए एक सर्वर रूम होता है जिसमें सभी तरह इंफॉर्मेशन पहले से ही स्टोर रहती है यह सर्वर 24 घंटे काम करते हैं और यह ऑप्टिकल फाइल केबल के माध्यम से जुड़े होते हैं

हालांकि आज के टाइम पर जरूरी नहीं कि फाइबर ऑप्टिकल से कनेक्ट होने के बाद ही इंटरनेट काम करें इंटरनेट सेटेलाइट के माध्यम से भी काम करता है फाइबर ऑप्टिकल केबल बहुत ही पतले होते हैं जिसे समुद्र में डाला जाता है जिसके जरिए एक कंट्री से दूसरे कंट्री में कनेक्ट किया जाता है ज्यादातर इंटरनेट सेटेलाइट के माध्यम से ही काम करता है जैसे कि हमारे स्मार्टफोन में अगर इंटरनेट एक्सेस हो रहा है तो यह किसी वायर के माध्यम से नहीं हो रहा है बल्कि सेटेलाइट के माध्यम से होता है

One Web क्या है?

इंटरनेट पर परस्पर एक दूसरे से जुड़े डॉक्यूमेंट के एक ग्रुप को One Web कहा जाता है यह एक मकड़ी का जाला जैसे समझ सकते हैं जिसे इंटरनेट के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है

इंटरनेट का उपयोग

  • E mail – ई-मेल जाने की इलेक्ट्रॉनिक मेल का आदान प्रदान करने के लिए इंटरनेट का उपयोग किया जाता है इंटरनेट से जुड़े लगभग 85% से ज्यादा लोग इंटरनेट का इस्तेमाल सिर्फ ईमेल भेजने और रिसीव करने के लिए करते हैं 7 दिनों में लगभग 20 मिलियन से भी ज्यादा ईमेल का आदान प्रदान किया जाता है
  • Reserch करने के लिए – किसी भी विषय में रिसर्च करने के लिए या किसी जानकारी को एकत्रित करने के लिए इंटरनेट एक बहुत ही बड़ा सोर्स है आप इंटरनेट के माध्यम से कोई भी डाक्यूमेंट्स बुक रिसर्च पेपर या किसी भी तरीके की जानकारी बहुत ही आसानी से पा सकते हैं
  • File Download या Upload करने के लिए – किसी भी डिजिटल फाइल को अपलोड या डाउनलोड करने के लिए इंटरनेट का यूज किया जाता है आप इंटरनेट के माध्यम से कोई भी मूवी सॉन्ग वीडियो डॉक्युमेंट्रीज या अन्य तरह की कोई भी डिजिटल फाइल्स को डाउनलोड या अपलोड कर सकते हैं
  • Group Discussion या Meeting के लिए – अगर आपको कोई भी ग्रुप डिस्कशन करना है या किसी ऑफिस में मीटिंग करना है पर एक ऑफिस दूसरे ऑफिस से दूर हो या लोग दूर हो तो आप इंटरनेट के माध्यम से बहुत ही आसानी से आप मीटिंग ले सकते हैं या ग्रुप डिस्कशन कर सकते हैं इनके लिए आजकल बहुत से ऐप भी डिवेलप किए गए हैं जैसे जूम, व्हाट्सएप कॉल आदि।
  • Education एवं self-improvement के लिए – एक टाइम था जब एजुकेशन केवल किताबों के माध्यम से ली जाती थी पर आज के टाइम में इंटरनेट के माध्यम से किसी भी एजुकेशन के लिए सारी जानकारी आपको बहुत ही आसानी से मिल जाती है self-improvement की बात करें तो आज के टाइम में यूट्यूब वीडियो या ब्लॉग्स जिसे आप इस वक्त पढ़ रहे हैं यह भी इंटरनेट के माध्यम से ही उपलब्ध हो पाया है।
  • Digital News – एक टाइम था जब किसी खबर के बारे में जानने के लिए आपको अखबार या मैगजीन पढ़ना पड़ता था पर इंटरनेट के माध्यम से यह बहुत ही आसानी से आपको मिल जाता है यह डिजिटल फॉर्म में होता है इसलिए इसमें स्पेस की भी झंझट नहीं होती
  • Shopping करने में – ऑनलाइन शॉपिंग करना तो आजकल ट्रेंड ही बन गया है पर जरा सोचिए अगर इंटरनेट नहीं होता तो क्या यह संभव था कि आप घर बैठे किसी भी शहर से या दुनिया के किसी भी कोने से कोई भी सामान खरीद सकते हैं यह केवल इंटरनेट की बदौलत ही संभव हो पाया है

इंटरनेट के लाभ

  • इंटरनेट के जरिए हम सभी प्रकार की ऑनलाइन सेवाओं को एक्सेस करने के लिए सक्षम होते हैं ।
  • इंटरनेट के जरिए हम सभी प्रकार के इंपॉर्टेंट डॉक्यूमेंट जैसे राशन कार्ड आधार कार्ड पैन कार्ड वोटर आईडी और भी ऐसे कई इंपॉर्टेंट दस्तावेज हम ऑनलाइन बहुत ही आसानी से प्राप्त कर सकते हैं।
  • इंटरनेट की मदद से ही हम सभी प्रकार के बिल का भुगतान घर बैठे आसानी से कर सकते हैं जैसे पानी का बिल, बिजली का बिल, ट्रेन टिकट, होटल बुकिंग टैक्सी बुकिंग इत्यादि।
  • एडमिशन फॉर्म हो या कोई कंपटीशन एग्जाम का फॉर्म भरना है स्कॉलरशिप से लेकर स्कूल के एडमिशन तक सभी तरीके के फॉर्म हम कुछ ही मिनटों में इंटरनेट की मदद से दुनिया के किसी भी कोने से भर सकते हैं इसके लिए हमें किसी भी ऑफिस या कॉलेज की चक्कर काटने की जरूरत नहीं होती यह सभी काम अगर इतना आसान हुए हैं तो सिर्फ इंटरनेट की मदद से ही संभव हुआ।
  • अगर आपको किसी चीज के बारे में किसी विषय के बारे में रिसर्च करना हो या कोई जानकारी लेनी हो तो आपको किसी किताब या लाइब्रेरी के चक्कर काटने की जरूरत नहीं है आप कुछ ही मिनट में गूगल जैसे सर्च इंजन की मदद से और इंटरनेट की मदद से कुछ ही मिनटों में सभी जानकारी को इकट्ठा कर सकते हैं।
  • आज से कुछ समय पहले अगर आपको जॉब की तलाश करनी हो तो आपको न्यूज़पेपर अखबार या ऑफिस ऑफिस घूम कर इस चीज की जानकारी मिलती थी पर अब ऐसा नहीं है आप इंटरनेट की मदद से दुनिया के किसी भी कोने की जॉब कुछ ही मिनटों में आप अपने मोबाइल या कंप्यूटर पर देख सकते हैं।
  • बैंकिंग के क्षेत्र में भी बहुत से काम आसान हो गए हैं अब आपको बैंक के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं है आप घर बैठे पैसे का लेनदेन इंटरनेट की मदद से कुछ ही सेकंड में कर सकते हैं

इंटरनेट की हानि

  • एक बहुत पुरानी लाइन है कि विज्ञान अगर वरदान है तो अभिशाप भी है ठीक इसी तरह इंटरनेट भी अगर वरदान है तो यह कभी-कभी अभिशाप की तरह भी साबित होता है जैसे कुछ लोग इंटरनेट का दुरुपयोग भी करते हैं और कई भ्रामक और गलत जानकारियां फैलाते हैं।
  • इंटरनेट की मदद से लोगों की निजी जानकारियों को चुराया जा सकता है और उसका गलत फायदा उठाया जा सकता है।
  • इंटरनेट के दुष्प्रभाव बच्चों पर भी पढ़ सकते हैं कई बार बच्चे गलत संगत में पड़कर अश्लील कंटेंट भी इंटरनेट की मदद से देखने लगते हैं इसकी वजह से बच्चों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
  • अगर मैं कहूं कि इंटरनेट के ज्यादा इस्तेमाल करने से समय की बहुत बर्बादी होती है तो इसमें कोई नई बात नहीं है आज के टाइम पर खासकर यंग जनरेशन के लड़के या लड़कियां सोशल मीडिया (i.e. Facebook, Instagram, etc.) पर सबसे ज्यादा अपना टाइम खराब करते हैं यह भी इंटरनेट का दुरुपयोग करने का एक सबसे बड़ा कारण है।
  • ऑनलाइन फ्रॉड जैसी चीजें आजकल जो बहुत हो रही हैं यह भी इंटरनेट का दुरुपयोग करने की वजह से ही हो रहा है।
  • इंटरनेट का बहुत अधिक इस्तेमाल करने से आंखों को तो नुकसान होता ही है साथ में शारीरिक और भी नुकसान होते हैं और मानसिक कई गंभीर बीमारियां होने का भी कारण बन सकता है
  • आजकल ऐसे कई वेबसाइट और ऐप एबलेबल है जिनसे हमारा पर्सनल डाटा आसानी से चोरी हो जाता है यह भी एक इंटरनेट का बहुत ही बड़ा दुरुपयोग है।
  • जाहिर सी बात है अगर आप इंटरनेट का इस्तेमाल करना चाहते हैं तो आपको इंटरनेट खरीदना भी पड़ेगा तो ऐसे में यह भी कहा जा सकता है कि इंटरनेट का अधिक इस्तेमाल करना पैसे की बर्बादी हो सकती है।

क्या इंटर्नेट से पैसे कमाया जा सकता है?

जी हां इंटरनेट के माध्यम से बिल्कुल पैसा कमाया जा सकता है पर आपको इसके लिए थोड़ी मेहनत और दिमाग लगाना बहुत जरूरी है आजकल लाखों लोग ऑनलाइन इनकम कर रहे हैं जैसे यूट्यूब वीडियो बनाकर, ब्लॉग लिखकर, एफिलिएट मार्केटिंग करके, इकॉमर्स बिजनस करके, और भी अन्य ऐसे कई हजारों तरीके हैं जिसके जरिए लोग इंटरनेट से पैसा कमा रहे हैं।

Internet का Idea सबसे पहले किसके दिमाग़ में आया था?

अगर आपसे यह सवाल करें कि इंटरनेट का आइडिया सबसे पहले किसके दिमाग में आया था तो सबसे पहले (Vinton cerf) और बॉब कान (Bob Kahn) को इसका श्रेय जाता है।

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