ऑप्टिकल फाइबर क्या है

ऑप्टिकल फाइबर क्या है और कैसे काम करता है | पूरी जानकारी {2023}

इस लेख में, हम जानेंगे कि ऑप्टिकल फाइबर क्या है (optical fibre kya hai) और यह कैसे काम करता है। ऑप्टिकल फाइबर एक तेज निरंतर और स्थिर इंटरनेट कनेक्शन प्रदान करता है जो बहुत सारे डेटा को इंक्रेडिबल डिस्टेंस पर ट्रांसमिट करने की अनुमति देता है

जैसे-जैसे डाटा की मांग बहुत अधिक होती है फाइबर ऑप्टिकल केबल नेटवर्क फ्लैक्सिबिलिटी और स्टेबिलिटी के लिए जाने का एक स्योर तरीका है पिछले 20 वर्षों में फाइबर ऑप्टिक प्लांट्स ने लंबी दूरी के टेलिफोन इंडस्ट्री को संभाला और बदल दिया optical fibre भी दुनिया भर में इंटरनेट उपलब्ध कराने का एक बड़ा हिस्सा है तो चलिए हम एक-एक का मतलब जानते हैं क्लेरिटी के साथ ।

Table of Contents

ऑप्टिकल फाइबर क्या है । optical fibre kya hai in Hindi

सबसे पहले फाइबर किसे कहते हैं यह एक धागा या एक वस्तु जो एक धागे से मिलती है उसके बाद ऑप्टिक किसे कहते हैं ऑप्टिकल इंस्ट्रुमेंट में एक लेंस को ऑप्टिक बोलते हैं और अंत में केवल किसे बोलते हैं एक इंसुलेटेड तार जिसमें एक प्रोटेक्ट केसिंग होता है और वह बिजली या टेलीकम्युनिकेशन सिगनल्स को ट्रांसमिट करने के लिए उपयोग किया जाता है फाइबर ऑप्टिकल केबल एक आकर्षक टेक्नोलॉजी है जो खासतौर पर डाटा ट्रांसफर करने के लिए लाइट की एनर्जी उपयोग करता है

optical fibre एक पतले कांच के प्लास्टिक से बनी तार होती है जिसके जरिए लेजर लाइट का उपयोग करके डाटा को ट्रांसफर किया जाता है यह एक तरह का स्पेशल कोने से लाइट दिखाने पर या टोटल इंटरनल रिफ्लेक्शन के सिद्धांत पर कार्य करते हुए डाटा को ट्रांसफर करता है।

ऑप्टिकल फाइबर केबल में बिजली के स्थान पर लाइट और लेजर का संचार होता है इस केवल में लेजर और लाइट का उपयोग करते हुए इसकी स्पीड को बहुत फास्ट किया गया है सुरक्षा की दृष्टि से देखें तो इसमें बाहर प्लास्टिक वॉटर रेजिस्टेंट जैसी आठ प्रकार की परत चढ़ी हुई होती है ऑप्टिकल फाइबर अन्य तारों को मुकाबले बहुत कॉस्टली होती है।

ऑप्टिकल फाइबर का आविष्कार किसने किया था

ऑप्टिकल फाइबर (optical fibre) का आविष्कार शुरुआती दशक में फ्रांसीसी आविष्कारक डेनियल कोलाडन और जैक्स बाबीनेट द्वारा सन 1940 में किया गया था।

ऑप्टिकल फाइबर कितने प्रकार का होता है

सिंगल मोड ऑप्टिक केबल (Single-mode optical fiber)

इसका निर्माण केवल एक सिंगल मोड ऑफलाइन को अपने डायमेराल कोर के माध्यम से यात्रा करने की अनुमति देने के लिए किया जाता है कोर का छोटा आकर जो लाइट की रिफ्लेक्शन को काम करता है और जो डिस्टेंस सिग्नल ट्रैवल करता है और उसे बढ़ाता है और साथ ही में सिग्नल क्वॉलिटी को भी सुरक्षित करता है बिजनेसेस जिनको बड़ी बैंडविथ की जरूरत होती है या लंबी दूरी तक संचार करते हैं जो सिंगल मोड फाइबर इंटरनेट कनेक्शन को फेवर करते हैं सिंगल मोड फाइबर केबल में 9 माइक्रोंस का एक छोटा कोरडाईमीटर होता है 8.3 माइक्रोन्स और केवल एक सिंगल वेवलेंथ और प्रकाश के यात्रा के लिए मार्ग की अनुमति देता है इसके बाद आता है

मल्टीमोड फाइबर ऑप्टिक केबल (Multi-mode optical fiber)

इसका निर्माण कई प्रकार के प्रकाश को अपने डायमीटर कोर के माध्यम से यात्रा करने के लिए अनुमति के लिए किया जाता है। कोर का बड़ा आकार लाइट रिफ्लेक्शन को बढ़ाता है जिससे रिड्यूस सिग्नल रिफ्लेक्शन की कीमत अधिक डाटा को यात्रा करने की अनुमति मिलती है क्योंकि दूरी बढ़ने पर सिग्नल की क्वालिटी में गिरावट आती है इसीलिए मल्टी मोड फाइबर का उपयोग स्थानिक क्षेत्र नेटवर्क LAN में कम दूरी के संचार शॉर्ट डिस्टेंस के लिए किया जाता है मल्टीमोड ऑप्टिकल फाइबर दो आरोन 50 माइक्रोस और 62.5 माइक्रोस्कोप उपलब्ध है कि आप तौर पर छोटी दूरी के लिए उपयोग किया जाता है

माइक्रोस्ट्रक्चर ऑप्टिकल फाइबर (Microstructured optical fiber)

आज के समय में एक नए प्रकार का ऑप्टिकल फाइबर है जो लाइट के द्वारा कम्युनिकेशन के लिए पूरी तरह से अलग कंसेप्ट का इस्तेमाल करता है यह रिफ्लेक्टिव इंडिकैश के कार्यक्रम करती है।

ऑप्टिकल फाइबर कैसे काम करता है

ऑप्टिकल फाइबर पूरी तरह से पूर्ण आंतरिक परिवर्तन यानी ( total internal reflection) के सिद्धांत पर आधारित है और यह इसी पर कार्य करता है जैसे ही लाइट कर में प्रवेश करती है यह एक मुलायम जिज्ञ फॉर्म में ट्रैवल करने लगती है और एक छोर से दूसरे छोर तक पहुंचती है यह कर और क्लैड्डिंग की वजह से उत्पन्न होने वाले टोटल इंटरनल रिफ्लेक्शन से ही संभव हो पता है

अवलोकन (Transmitter)

डेटा को ऑप्टिकल फाइबर में भेजने के लिए सबसे फर्स्ट स्टेप अवलोकन या ट्रांसमीटर होता है। इसमें एक हाई क्वॉलिटी वाले लेजर द्वारा प्रकाश की किरणें बनाई जाती हैं। इन किरणों का रंग और तारीक़ होता है, जो उन्हें उन विशेषताओं के लिए उपयोगी बनाता है ।

प्रकाश के अंतरावलोकन (Propagation of Light)

अवलोकित प्रकाश की किरणें ऑप्टिकल फाइबर में प्रवेश करती हैं और उसकी दीवारों के अंदर प्रकाश को दरारों से घूसने से रोकती हैं। यह घूसने वाली किरणें फाइबर के केंद्र में प्रतिबिंबित होती हैं और उन्हें अपने मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित करती हैं।

ऑप्टिकल फाइबर में प्रतिबिंबन (Reflection in Optical Fiber):

प्रकाश के साथ-साथ उसमें पार गए डेटा के सिग्नल को प्रतिबिंबित करने के लिए ऑप्टिकल फाइबर के आभासी परतों का उपयोग किया जाता है। यह सिग्नल प्रतिबिंबित होकर फाइबर में से आगे बढ़ते हैं और संचारीय उपकरण तक पहुँचते हैं।

Receiver

संचारीय उपकरण में, प्रतिबिंबित सिग्नल को तलाशा जाता है और उसे डिजिटल डेटा में रूपांतरित किया जाता है। यह डेटा फिर से संचार की प्रक्रिया के लिए तैयार होता है।

ऑप्टिकल फाइबर के उपयोग क्या-क्या है

  • ऑप्टिकल फाइबर का उपयोग मुख्यतः टेलीकम्युनिकेशन और कंप्यूटर नेटवर्किंग की दुनिया में किया जाता है इसके माध्यम से या लोंग डिस्टेंस कम्युनिकेशन बड़ी आसानी से कर सकता है क्योंकि आप फ्लेक्सिबल केबल एक तरह का बंडल होता है।
  • ऑप्टिकल फाइबर का इस्तेमाल रिमोट सेंसिंग में भी किया जाता है कुछ एप्लीकेशन में ऑप्टिकल फाइबर को सेंसर की तरह उपयोग किया जाता है
  • जैसा कि हम जा चुके हैं कि ऑप्टिकल फाइबर फ्लैक्सिबल होता है इस वजह से डॉक्टर द्वारा सर्जरी के दौरान शरीर के भीतर वाले भाग में प्रकाश को प्रवेश कराने के लिए भी इसका इस्तेमाल किया जाता है
  • ऑप्टिकल फाइबर का उपयोग photovoltaic का उपयोग करके पावर ट्रांसमिशन के लिए भी किया जाता है जिसके जरिए लाइट को इलेक्ट्रिसिटी में बदला जा सकता है

ऑप्टिकल फाइबर के फायदे क्या-क्या है

High band with

ऑप्टिकल फाइबर में हाई बैंडविथ होने के कारण इससे डाटा ट्रांसफर बहुत ही तेजी से किया जा सकता है यह समाज केवल की तुलना में 10 गुना से 100 गुना तक अधिक होता है जिसके कारण डाटा को ट्रांसमिट कर पाना बहुत ही इजी होता है इसका इस्तेमाल बहुत लंबी दूरी वाले कनेक्शन में भी किया जा सकता है

कम हानि

जैसा कि हम जा चुके हैं कि फाइबर ऑप्टिकल केबल में सिग्नल भेजने के लिए मेटल वायर का उपयोग नहीं किया जाता है बल्कि इसकी जगह लाइट का इस्तेमाल किया जाता है जिससे सिग्नल लॉसेस बहुत ही कम होते हैं

साइज में पतला और हल्का

ऑप्टिकल फाइबर साइज में बहुत ही पतला और वजन में बहुत ही हल्का होता है यह शायद इतना पतला होता है कि हमारे बालों से भी थोड़ा अधिक होता होगा इसके हल्के होने की वजह से भी इसका मेंटेनेंस ही बहुत आसानी से किया जा सकता है

अधिक सुरक्षित है

ऑप्टिकल फाइबर में डाटा एक लेजर के माध्यम से भेजा जाता है इसलिए यह ट्रैवल करने के दौरान बहुत ही सुरक्षित होता है इसमें हमारा डाटा बहुत ही सेफ होता है इसमें डाटा चोरी होने का खतरा बहुत कम होता है

शार्ट सर्किट का कोई खतरा नहीं

जैसा कि ऑप्टिकल फाइबर में डाटा ट्रांसफर के लिए बिजली की जगह प्रकाश या लेजर का इस्तेमाल किया जाता है इसलिए इसमें शॉर्ट सर्किट का खतरा बहुत ही काम होता है इसमें वायर के जलने की संभावना ना के बराबर होती है।

ऑप्टिकल फाइबर के नुकसान

इस साइंस और टेक्नोलॉजी की दुनिया में अगर किसी चीज का फायदा है तो उस पर नुकसान भी होता है ठीक इसी तरह आप टिकल फाइबर के कुछ नुकसान भी होते हैं जो इस प्रकार हैं

अधिक cost

ऑप्टिकल फाइबर कॉपर केबल की तुलना में बहुत ही महंगा होता है और इसका इंस्टॉलेशन भी कॉपर केबल की तुलना में बहुत जटिल और महंगा साबित होता है इसमें इंस्टॉलेशन का दौरान बहुत ज्यादा ध्यान से काम करने की आवश्यकता होती है इसलिए इसकी कॉस्ट ज्यादा होती है

जटिल इंस्टॉलेशन प्रक्रिया

फाइबर ऑप्टिकल को इंस्टॉल करना इतना आसान नहीं होता इसे इंस्टॉल करने के दौरान बहुत मुश्किलों का सामना करना पड़ता है और कई चीजों को ध्यान रखना पड़ता है जैसे कट लगाते वक्त इसमें डैमेज नहीं लगना चाहिए खासतौर पर कोई बड़ा कट नहीं होना चाहिए अगर ऐसा होता है तो पूरी फाइबर ऑप्टिकल केबल को बिछाने के दौरान पूरे कनेक्शन में भी बहुत बड़ी हानि हो सकती है

रिपेयरिंग की समस्या

फाइबर ऑप्टिकल में जब कोई खराबी आ जाती है यह कोई डैमेज हो जाता है तो उसे रिपेयर करना बहुत ही मुश्किल होता है इसे कोई आम इंसान रिपेयर नहीं कर सकता बल्कि इसको रिपेयर करने के लिए बहुत ही स्किल्ड और हाई स्किल्ड मैकेनिक द्वारा इनका रिपेयरिंग किया जाता है।

 

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